Shobha Singhशोभा सिंह दिल्ली में रहने वाली एक कुशल गृहिणी हैं, जिन्होंने अपना जीवन अपने परिवार की खुशियों और संस्कारों को संजोने में समर्पित किया है। घर की जिम्मेदारियों के बीच भी उनका मन हमेशा अपने बचपन की सुनहरी यादों और उन गहरे रिश्तों से जुड़ा रहा, जिन्होंने उन्हें जीवन की सही समझ दी। अपनी पहली पुस्तक 'मेरी साधना' के माध्यम से शोभा जी साहित्य की दुनिया में कदम रख रही हैं। यह लेखन उनके स्वर्गीय माता-पिता और दादाजी की विरासत को एक श्रद्धांजलि है। उनकी कविताओं में उन जज़्बातों की गूँज है जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं। शोभा जी का यह प्रयास दर्शाता है कि जीवन के अनुभवों को कला का रूप देने की कोई उम्र नहीं होती। Read More Read Less
An OTP has been sent to your Registered Email Id:
Resend Verification Code